Posts

Showing posts from September, 2020

दोषी कौन

सदियों से महिलाओं को कोसता आया है हमारा समाज, लेकिन आज तक एक बात समझ नहीं आई कि इतनी कामुकता सिर्फ पुरुषों में ही क्यों है ,जो पशुता की ओर धकेल देती है समाज को । एक लड़की, जो न जाने कितने सपने संजोए हुए जीने की कोशिश करती है और अचानक एक दिन बाज की तरह, झपट पड़ता है एक ऐसा पुरुष, जो खुद पर काबू नहीं रख पाता और परिवार का मुखिया कहलाने की चाहत रखता है । हाथरस में हुई जघन्य घटना की जिम्मेदारी कौन लेगा हमारा सोकाॅल्ड समाज जो पुरुष प्रधान है ,धर्म के ठेकेदार ,या नेता जो दलितों के वोट पर अपनी सरकार बनाते हैं या एक बार फिर जिम्मेदार ठहरा दिया जाएगा उस लड़की को कि उसका सबसे बड़ा अपराध ये है कि वो लड़की है और वो भी दलित।

कोरोना संग जिन्दगी

  चल पडी है सडकों पर दौड़ती हुई जिन्दगी मैटो की रफ्तार संग भागती हुई जिन्दगी अलसाई सुबह में भी जागती हुई जिन्दगी नए रंग में रंगी हुई सी लग रही है जिन्दगी  भय है कोरोना का डर भी रही है जिन्दगी  मास्क-सेनेटाइजर ले निकल पडी है जिन्दगी          ✍डाॅ ममता श्रीवास्तवा,सरूनाथ